Vice President of India in Hindi – भारत के उपराष्ट्रपति

Post’s Name : – Vice President of India in Hindi – भारत के उपराष्ट्रपति एक नजर में

भारतीय संविधान के भाग V अनुच्छेद 52-78 में संघ की कार्यपालिका का स्पष्ट वर्णन किया गया है। इसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल तथा महान्यायवादी को शामिल किया गया है। उपराष्ट्रपति संवैधानिक व्यवस्था में देश का दूसरा सर्वोच्च पद होता है। भारत में उपराष्ट्रपति का पद अमेरिकन व्यवस्था से लिया गया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 63 में उपराष्ट्रपति पद की व्यवस्था की गयी है।

उपराष्ट्रपति का निर्वाचन :

राष्ट्रपति की तरह उपराष्ट्रपति का चुनाव परोक्ष विधि से किया जाता है अर्थात उपराष्ट्रपति भारतीय जनता द्वारा नहीं चुने जाते है। उच्च सदन (राज्य सभा) और निम्न सदन (लोक सभा) के निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्यों के द्वारा किया जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एकल संक्रमण मत द्वारा और गुप्त मतदान से होता है
एक संसद सदस्य का मत = सभी राज्यों के विधायकों के मतों का कुल मूल्य ÷ संसद के निर्वाचित सदस्यों की कुल सदस्य संख्या


राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्य के वोट डालने में क्या अंतर है? : 

उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक मंडल यानी इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से होता है।  संसद के दोनों सदनों के सदस्य इसमें हिस्सा लेते हैं। राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचित सांसदों के साथ-साथ विधायक भी मतदान करते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में केवल लोकसभा और राज्यसभा के सांसद ही वोट डाल सकते हैं। 


उपराष्ट्रपति के चुनाव में मनोनीत सांसद भी डाल सकते हैं वोट: 

राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत सांसद वोट नहीं डाल सकते हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसा नहीं है। उपराष्ट्रपति चुनाव में ऐसे सदस्य भी वोट कर सकते हैं। इस तरह से देखा जाए तो उपराष्ट्रपति चुनाव में दोनों सदनों के 790 निर्वाचक हिस्सा लेते हैं। इसमें राज्यसभा के चुने हुए 233 सदस्य और 12 मनोनीत सदस्यों के अलावा लोकसभा के 543 चुने हुए सदस्य और दो मनोनीत लोकसभा सदस्य वोट करते हैं। इस तरह इनकी कुल संख्या 790 हो जाती है। 


उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में राज्य विधानसभाओं के सदस्य शामिल क्यों नहीं होते?


उपराष्ट्रपति का मुख्य कार्य उच्च सदन की अध्यक्षता करना है। किसी कारणवश या अल्पकालिक समय के लिए वह राष्ट्रपति के रूप मे कार्य करता है।

उपराष्ट्रपति का चुनाव के लिए अर्हताएं:

1. भारत का नागरिक हो। 
2. 35 साल वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो। 
3. वह राज्यसभा के लिए चुने जाने की योग्यताओं को पूरा करता हो। 
4. उसे उस राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए। 
5. कोई व्यक्ति, जो भारत सरकार के या किसी राज्य सरकार के अधीन या किसी अधीनस्थ स्थानीय प्राधिकरण के अधीन कोई लाभ का पद धारण करता है, वह इसका पात्र नहीं हो सकता है।
नोट: वर्तमान राष्ट्रपति ,उप-राष्ट्रपति, राज्यपाल, संघ अथवा राज्य का मंत्री किसी लाभ के पद पर नहीं माने जाते है इसलिए वह उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार के योग्य होता है।
6. उम्मीदवार संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं होना चाहिए। अगर वह किसी सदन का सदस्य है तो उसे उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद अपनी सदस्यता छोड़नी पड़ेगी। 

उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी स्वीकार होने की शर्तें:

 चुनाव में खड़े होने के लिए किसी भी व्यक्ति को कम से कम 20 संसद सदस्यों को प्रस्तावक और कम से कम 20 संसद सदस्यों को समर्थक के रूप में होने चाहिए।
• उपराष्ट्रपति का प्रत्याशी बनने के लिए 15 हजार रुपये की जमानत राशि भारतीय रिजर्व बैंक में जमा करानी होती है।
• नामांकन के बाद निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच करता है और योग्य उम्मीदवारों के नाम बैलट में शामिल किए जाते हैं। 

उपराष्ट्रपति शपथ:

उपराष्ट्रपति को पद की शपथ राष्ट्रपति या राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा दिलवाई जाती है।

उपराष्ट्रपति पदावधि:

पद ग्रहण करने से लेकर 5 वर्ष तक
• पदावधि में किसी भी समय अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को देकर।

उपराष्ट्रपति और महाभियोग:

उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए औपचारिक महाभियोग की व्यवस्था संविधान में नहीं है। उसे राज्यसभा द्वारा संकल्प पारित कर पूर्ण बहुमत से पदच्युत किया जा सकता है। लेकिन लोकसभा की सहमति आवश्यक है। ऐसा करने के लिए 14 दिन का अग्रिम नोटिस देना आवश्यक है।

उपराष्ट्रपति पद रिक्तता:

1. 5 वर्ष सेवा पूर्ण होने पर
2. पदत्याग
3. बर्खास्त करने पर
4. उपराष्ट्रपति की मृत्यु पर (श्री कृष्णकातं पहले उपराष्ट्रपति थे जिनका निधन पद पर रहते हुआ)
नोट: उपरोक्त किसी भी परिस्थिति में पद रिक्त होता है तो शीघ्र ही चुनाव कराया जाता है। नया उपराष्ट्रपति पद धारण करने के बाद 5 वर्ष तक पद पर बना रहता है।

उपराष्ट्रपति चुनाव विवाद: उपराष्ट्रपति की शक्तियां और कार्य:
उपराष्ट्रपति चुनाव से संबंधित विवाद की जांच उच्चतम न्यायालय द्वारा किया जाता है, जिसका निर्णय अंतिम होता है।उपराष्ट्रपति के कार्य सामान्य हैं फिर भी मुख्यतः दो कार्य है।
1. राज्यसभा के पदेन सभापति के रूप में कार्य
2. कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य: राष्ट्रपति के पदत्याग, बर्खास्त करने पर, राष्ट्रपति की मृत्यु होने पर या अन्य कोई कारण से राष्ट्रपति का पद रिक्त होने पर कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में अधिकतम 6 माह तक कार्य कर सकता है।

भारतीय उपराष्ट्रपति को प्राप्त परिलब्धियां:

उपराष्ट्रपति को राज्यसभा का पदेन सभापति होने के कारण वेतन प्राप्त होता है। संविधान में उपराष्ट्रपति को प्राप्त परिलब्धी की व्यवस्था नहीं है।

उपराष्ट्रपति से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद: एट ए ग्लास / अबतक हुए भारत के उपराष्ट्रपति:

उपराष्ट्रपति से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद: एट ए ग्लासअबतक हुए भारत के उपराष्ट्रपति:
अनुच्छेद 63: उपराष्ट्रपति
• अनुच्छेद 64: उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति
• अनुच्छेद 65: राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य।
• अनुच्छेद 66: उपराष्ट्रपति का चुनाव संबंधित उपबंध।
• अनुच्छेद 67: उपराष्ट्रपति का कार्यकाल
• अनुच्छेद 68: उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद चुनाव का समय निर्धारण।
• अनुच्छेद 69: उपराष्ट्रपति शपथ ग्रहण
• अनुच्छेद 70: अन्य आकस्मिकताओं में राष्ट्रपति के कर्तव्य का निर्वहन।
• अनुच्छेद 71: उपराष्ट्रपति चुनाव संबंधी मामले
वर्ष 1952: डाॅ॰ एस॰ राधाकृष्णन
वर्ष 1957: डा॰ एस॰ राधाकृष्णन
वर्ष 1962: डा॰ जाकिर हुसैन
वर्ष 1967: वी॰ वी॰ गिरी
वर्ष 1969: जी॰ एस॰ पाठक
वर्ष 1974: बी॰ डी॰ जब्ती
वर्ष 1979: एम॰ हिदायतुल्ला
वर्ष 1984: आर॰ वेंकटरमण
वर्ष 1987: डाॅ॰ शंकर दयाल शर्मा
वर्ष 1992: के॰ आर॰ नारायणन
वर्ष 1997: कृष्णकांत
वर्ष 2002: बी॰ एस॰ शेखावत
वर्ष 2007: मो॰ हामिद अंसारी
वर्ष 2012: मो॰ हामिद अंसारी
वर्ष 2017: एम वेंकैया नायडू

Important Link

सरकारी नौकरी की ताजा भर्ती नोटिफिकेशनClick Here
Agneepath Scheme In Hindi – Agneeveer Scheme 2022Click Here

One thought on “Vice President of India in Hindi – भारत के उपराष्ट्रपति

  • July 5, 2022 at 6:26 pm
    Permalink

    What a knowlede फुल टॉपिक every one got it

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published.