The President of India Note – Most Useful Note

Post’s Name : – The President of India Note – Most Useful Note | आइये जाने भारत के राष्ट्रपति के बारे में

भारतीय संविधान के भाग  V अनुच्छेद  52-78 में  संघ की कार्यपालिका का स्पष्ट वर्णन किया गया है। इसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल तथा महान्यायवादी को शामिल किया गया है। राष्ट्रपति संवैधानिक व्यवस्था में देश  का सर्वोच्च पद होता है।भारतीय संविधान के अनुच्छेद 52 में राष्ट्रपति पद की व्यवस्था की गयी है।
भारत के राष्ट्रपति, भारत गणराज्य के कार्यपालक अध्यक्ष होते हैं। संघ के सभी कार्यपालक कार्य उनके नाम से किये जाते हैं। अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की कार्यपालक शक्ति उनमें निहित हैं। वह भारतीय सशस्त्र सेनाओं का सर्वोच्च सेनानायक भी हैं। सभी प्रकार के आपातकाल लगाने व हटाने वाला, युद्ध/शान्ति की घोषणा करने वाला होता है। वह देश के प्रथम नागरिक हैं। भारतीय राष्ट्रपति का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।

The President of India राष्ट्रपति का निर्वाचन :

राष्ट्रपति का चुनाव परोक्ष विधि से किया जाता है अर्थात राष्ट्रपति भारतीय जनता द्वारा नहीं चुने जाते है बल्की भारतीय जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के द्वारा चुने जाते है। जिसमें उच्च सदन (राज्य सभा) और निम्न सदन (लोक सभा) के निर्वाचित सदस्यों तथा सभी राज्यों के विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों दिल्ली व पुडुचेरी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य के द्वारा किया जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एकल संक्रमण मत द्वारा और गुप्त मतदान से होता है।
1. एक संसद सदस्य का मत = सभी राज्यों के विधायकों के मतों का कुल मूल्य ÷ संसद के निर्वाचित सदस्यों की कुल सदस्य संख्या
2. एक विधायक के मत का मूल्य = राज्य की कुल जनसंख्या ÷ राज्य विधानसभा के निर्वाचित कुल सदस्य ×1000

राष्ट्रपति के निर्वाचन में कौन सदस्य भाग नहीं लेते है:The President of India

1. उच्च सदन ( राज्य सभा) के मनोनीत सदस्य।
2. निम्न सदन ( लोक सभा) के मनोनीत सदस्य।
3. राज्य विधानसभाओं के मनोनीत  सदस्य।
4. राज्य विधानपरिषदों के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य।
5. केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली तथा पुदुचेरी विधानसभा के मनोनीत सदस्य

राष्ट्रपति का चुनाव के लिए अर्हताएं:The President of India

1. भारत का नागरिक हो। 
2. 35 साल वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो। 
3. वह लोकसभा के लिए चुने जाने की योग्यताओं को पूरा करता हो।
4. कोई व्यक्ति, जो भारत सरकार के या किसी राज्य सरकार के अधीन या किसी अधीनस्थ स्थानीय प्राधिकरण के अधीन कोई लाभ का पद धारण करता है, वह इसका पात्र नहीं हो सकता है।
5. नोट: वर्तमान राष्ट्रपति ,उप-राष्ट्रपति, राज्यपाल, संघ अथवा राज्य का मंत्री किसी लाभ के पद पर नहीं माने जाते है इसलिए वह राष्ट्रपति उम्मीदवार के योग्य होता है।
6. उम्मीदवार संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य नहीं होना चाहिए। अगर वह किसी सदन का सदस्य है तो उसे राष्ट्रपति चुने जाने के बाद अपनी सदस्यता छोड़नी पड़ेगी।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति के चुनाव में खड़े होने के लिए किसी भी व्यक्ति को कम से कम 50 संसद सदस्यों को प्रस्तावक और कम से कम 50 संसद सदस्यों को अनुमोदनक समर्थक के रूप में होने चाहिए। राष्ट्रपति का प्रत्याशी बनने के लिए 15 हजार रुपये की जमानत राशि भारतीय रिजर्व बैंक में जमा करानी होती है।

राष्ट्रपति शपथ:The President of India

राष्ट्रपति को पद की शपथ उच्चतम न्यायालय के मुख्य  न्यायाधीश या उनकी अनुपस्थिति में वरिष्ठतम न्यायाधीश द्वारा दिलवाई जाती है।

राष्ट्रपति और महाभियोग:The President of India

राष्ट्रपति को हटाने के लिए औपचारिक महाभियोग की व्यवस्था संविधान में अनुच्छेद 61 के तहत की गयी है। ऐसा करने के लिए 14 दिन का अग्रिम नोटिस देना आवश्यक है। “संविधान का उल्लंघन” करने पर ही राष्ट्रपति को महाभियोग की प्रक्रिया के तहत पद से हटाया जा सकता है। भारतीय संविधान के गौरवशाली रूप के तहत अब तक किसी भी महामहिम पर महाभियोग नहीं चलाया गया है।

महाभियोग क्या है?– The President of India

वास्तव में महाभियोग संसद की एक अर्ध्द-न्यायिक प्रक्रिया है। जिसमें संसद के दोनों सदनों के नामांकित सदस्य भाग लेते है चाहे वे राष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं भी लिया हो। परंतु इस प्रक्रिया में राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य तथा दिल्ली व पुदुचेरी केंद्रशासित विधानसभाओं के सदस्य भाग नहीं लेते है।

राष्ट्रपति पद रिक्तता:The President of India

1. 5 वर्ष सेवा पूर्ण होने पर
2. पदत्याग
3. महाभियोग द्वारा बर्खास्त करने पर
4. राष्ट्रपति की मृत्यु पर

राष्ट्रपति की शक्तियां और कार्य:The President of India

भारत का राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक होता है। जिसके कारण उसकी शक्तियां और कार्य व्यापक है। शासन संबंधि सारे कार्य राष्ट्रपति के नाम से किये जाते है। वह संसद का अभिन्न अंग है। अतः उनके द्वारा किये जाने वाले संक्षेप में निम्न है।
1. कार्यकारी शक्ति
2. विधायी शक्ति
3. वित्तीय शक्ति
4. न्यायिक शक्ति
5. कूटनीतिक शक्ति
6. सैन्य शक्ति
7. आपातकालीन शक्ति
8. राष्ट्रपति की वीटो शक्ति

भारत के राष्ट्रपति एट ए टी टाइम

1. डाॅ॰ राजेंद्र प्रसाद:वर्ष 1952
2. डाॅ॰ राजेंद्र प्रसाद: वर्ष 1957
3. डाॅ॰ एस॰ राधाकृष्णन: 13 मई1962-13 मई 1967
4. डाॅ॰ जाकिर हुसैन: 13 मई 1967-3 मई 1969
5. वराहगिरी वेंकट गिरी (वी वी गिरी):  3 मई 1969-20 जुलाई 1969 और 24 अगस्त 1969-24 अगस्त 1974
6. फ़ख़रुद्दीन अली अहमद: 24 अगस्त 1974-11 फरवरी 1977
7. श्री निलम संजीव रेड्डी : 25 जुलाई 1977-25 जुलाई 1982
8. ज्ञानी जैल सिंह: 25 जुलाई 1982-25 जुलाई 1987
9. श्री आर वेंकटरमन:  25 जुलाई 1987-25 जलाई 1992
10. डॉ शंकर दयाल शर्मा: 25 जुलाई 1992-25 जुलाई 1997
11. श्री के आर नारायनन: 25 जुलाई 1997-25 जुलाई 2002
12. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम: 25 जुलाई 2002-25 जुलाई 2007
13. श्रीमती प्रतिभादेवी सिंह पाटिल:25 जुलाई 2007-25 जुलाई 2012
14.  श्री प्रणब मुखर्जी: 25 जुलाई 2012-25 जुलाई 2017
15. श्री रामनाथ कोविंद: 25 जुलाई 2017-वर्तमान
16. द्रौपदी मुर्मू : भावी राष्ट्रपति ऑफ इंडिया व्यक्ति के तौर द्रौपदी मुर्मू स्वतंत्र भारत की 15वीं राष्ट्र प्रमुख होगी।

राष्ट्रपति संबंधि प्रमुख अनुच्छेद The President of India

अनुच्छेद 52: भारत का राष्ट्रपति
• अनुच्छेद 53: संघ कार्यपालिका शक्ति
• अनुच्छेद 54: राष्ट्रपति का चुनाव
• अनुच्छेद 55: राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया
• अनुच्छेद 56: राष्ट्रपति कार्यकाल
• अनुच्छेद 57: राष्ट्रपति के लिए अर्हता पुनर्निर्वाचन हेतु
• अनुच्छेद 58: योग्यता
• अनुच्छेद 59: राष्ट्रपति कार्यालय
• अनुच्छेद 60: शपथ ग्रहण
• अनुच्छेद 61: महाभियोग की प्रक्रिया
• अनुच्छेद 62: पद रिक्त होने के बाद चुनाव कराने का समय
• अनुच्छेद 71: राष्ट्रपति के चुनाव संबंधित मामले का निपटान
• अनुच्छेद 72: राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति
• अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को परामर्श एवं सहयोग के लिए मंत्रिपरिषद
• अनुच्छेद 78: राष्ट्रपति को कार्य संबंधित सूचना देना प्रधानमंत्री का दायित्व
• अनुच्छेद 85: संसद भंग करना
• अनुच्छेद 111: संसद द्वारा पारित विधेयक पर सहमति देना
• अनुच्छेद 112: संघीय बजट
• अनुच्छेद 123: अध्यादेश जारी करने की शक्ति
• अनुच्छेद 143: राष्ट्रपति को सर्वोच्च न्यायालय से सलाह लेने की शक्ति।

राष्ट्रपति संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

1• अब तक कितने राष्ट्रपति ने दो बार पद ग्रहण किया है?
उत्तर: केवल डाॅ॰ राजेंद्र प्रसाद
2• अब तक कितने राष्ट्रपति का अपने कार्यकाल के दौरान निधन हुआ है?
उत्तर: दो राष्ट्रपति
1. डाॅ॰ जाकिर हुसैन
2. फखरूद्दीन अली अहमद
3• कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने वाले मुख्य न्यायाधीश का नाम क्या है?
उत्तर: एम हिदायतुल्लाह 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 तक
4• किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति को आपातकालीन शक्तियां प्रदान है?
उत्तर: * अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल
         * अनुच्छेद 356 तथा 365 राष्ट्रपति शासन
         * अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल
5• विटो शब्द का अर्थ है।
उत्तर: रोकना (विटो लैटिन शब्द है) 

रिटायरमेंट के बाद राष्ट्रपति को क्या-क्या सुविधाएं मिलती है?

रिटायरमेंट के बाद राष्ट्रपति को क्या-क्या सुविधाएं मिलती है?
1. राष्ट्रपति को रिटायरमेंट के बाद 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह पेंशन दिया जाता है।
2. 60 हजार रुपये प्रतिमाह सेक्रेटेरियल स्टाफ और आफिस खर्च के लिए दिया जाता है।
3. सरकार की तरफ से दिए गए बंगले का किराया भी फ्री होता है। 
4. पूर्व राष्ट्रपति को दो लैंडलाइन, मोबाइल फोन, ब्रॉडबैंड और इंटरनेट कनेक्शन भी दिया जाता है।
5. इसके अलावा बिजली और पानी का बिल भी फ्री होता है।
6. राष्ट्रपति को ड्राइवर और कार भी दी जाती है। 
उपरोक्त के अतिरिक्त समय-समय पर अन्य जो भी लाभ लागू हो मिलता रहता है। 

राष्ट्रपति चुनाव में कौन कौन भाग लेते हैं

लोक सभा, राज्य सभा एवं सभी राज्यों के विधानसभा के निर्वाचित सदस्य भाग लेते हैं।
लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों की संख्या = 543 राज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों की संख्या = 233
कुल संसद सदस्यों की संख्या = 776
राज्यों के विधानसभा के निर्वाचित विधायकों की संख्या = 4033

इलेक्टोरल कॉलेज किसे कहते हैं?

लोक सभा + राज्य सभा + सभी राज्यों के विधानसभा के निर्वाचित सदस्य के वोटों की वैल्यू के कुल योग = इलेक्टोरल कॉलेज

नोट : इलेक्टोरल कॉलेज के 51 फीसदी वोट हासिल करने वाला विजेता होता है।

वर्तमान में राष्ट्रपति चुनाव में कितने मतदाता है?

वर्तमान में राष्ट्रपति चुनाव में मतदाता मतदाताओं की कुल संख्या = लोकसभा सदस्य (543) + राज्यसभा सदस्य (233)+ राज्यों के विधान सभाओं के सदस्यों की संख्या(4033) = 4089 मतदाता

नोट : राष्ट्रपति के चुनाव में सांसद के मनोनीत सदस्य भाग नहीं लेते

राष्ट्रपति चुनाव के लिए जनसंख्या का आधार वर्ष कब माना गया है?

राष्ट्रपति चुनाव के लिए जनसंख्या का आधार पर वर्तमान जनसंख्या 2011 को नहीं अपनाया गया है इस चुनाव के लिए जनसंख्या का आधार वर्ष 1971 की जनसंख्या है। इसके लिए 1971 की जनसंख्या को आधार बनाया गया है। राष्ट्रपति चुनाव में जनगणना का आधार 2,026 के बाद होने वाली जनगणना के बाद बदलेगा। यानी, 2031 की जनगणना के आंकड़े प्रकाशित होने के बाद 1971 की जगह 2031 की जनगणना के आधार पर सांसदों और विधायकों के वोट की वैल्यू तय होगी। 

एक विधायक के वोट की वैल्यू कैसे ज्ञात की जाती है ?

उदाहण के लिए :
1971 में उत्तर प्रदेश की कुल आबादी = 8,38,49,905 राज्य में कुल विधानसभा सीटें = 403
कुल सीटों को 1000 से गुणा करने पर प्राप्त अंक = 403000
अब 403000 से 1971 की कुल आबादी को भाग देते है।
अर्थात, 83849905 ÷ 403000 = 208.06 = 208
वोट दशमलव में नहीं हो सकता

इस तरह उत्तर प्रदेश के कुल 403 विधायकों का कुल मूल्य = 403×208 = 83824
1. उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का मूल्य = 208 (सबसे ज्यादा)
2. झारखंड के एक विधायक के वोट की वैल्यू = 176
3. तमिलनाडु के एक विधायक के वोट की वैल्यू = 176 
4. महाराष्ट्र के एक विधायक के वोट की वैल्यू = 175
5. बिहार के एक विधायक के वोट की वैल्यू = 173
6. सिक्किम  के एक विधायक के वोट की वैल्यू =7 (सबसे कम)
7. अरुणाचल के एक विधायक के वोट की वैल्यू = 8
8.  मिजोरम के एक विधायक के वोट की वैल्यू = 8
इस प्रकार देशभर के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विधायकों का कुल वोट मूल्य = 543231

एक सांसद के वोट की वैल्यू कैसे ज्ञात की जाती है ?

कुल सांसद की संख्या = लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों की संख्या(543) + राज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों की संख्या(233) = 776 सांसद सदस्य

एक सांसद के वोट का मूल्य = देश के सभी विधायकों का कुल वोट मूल्य ( 543231) ÷ कुल सांसद की संख्या (776) = 700•03 = 700
अतः एक सांसद के वोट का मूल्य = 700
अतः कुल सांसद के वोट का मूल्य = 700×776 = 543200

अतः कुल सांसद एवं कुल विधायकों के वोट का कुल मूल्य (‘इलेक्टोरल कॉलेज’)  = 543200 +543231 =
1086431

जीत हासिल करने के लिए जरूरी वोट मूल्य = 543216+

संविधान एवं शपथ
संवैधानिक पदाधिकारियों की शपथ का उल्लेख भारतीय संविधान की अनुसूची 3 में है।
इसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्य के राज्यपालों की शपथ का उल्लेख नहीं है।
राष्ट्रपति की शपथ = अनुच्छेद 60
उपराष्ट्रपति की शपथ = अनुच्छे 69
राज्यपाल की शपथ = अनुच्छेद 159

राष्ट्रपति को शपथ कौन दिलाता है?

राष्ट्रपति को देश के मुख्य न्यायाधीश शपथ दिलाएंगे। अगर किसी कारण से चीफ जस्टिस उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश के सामने राष्ट्रपति शपथ लेते हैं। 

राष्ट्रपति क्या शपथ लेंगे
“मैं (नाम) ईश्वर की शपथ लेता/लेती हूं कि मैं श्रद्धापूर्वक भारत के राष्ट्रपति के पद का कार्यपालन करूंगा/करूंगी तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करूंगा/करूंगी, और मैं भारत की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूंगा/रहूंगी।”

“I, (NAME)., do swear in the name of God/solemnly affirm that I will faithfully execute the office of President (or discharge the functions of the President) of India and will to the best of my ability preserve, protect and defend the Constitution and the law and that I will devote myself to the service and well-being of the people of India.”.

राष्ट्रपति चुनाव में कौन चुना गया निर्विरोध?

नीलम संजीव रेड्डी निर्विरोध राष्ट्रपति बनने वाले पहले व्यक्ति हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में जीतने वाला इकलौते निर्दलीय कौन है?
वीवी गिरी इकलौते व्यक्ति है जो निर्दलीय चुनाव जीत गये। 

राष्ट्रपति के कार्य अवधि एवं वे राष्ट्रपति किस राज्य से संबंधित है इनके बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

25 जुलाई को देश को देश को नया राष्ट्रपति मिल जाएगा। वर्तमान में 14 वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 25 जुलाई को खत्म हो रहा है। इसी दिन नए राष्ट्रपति शपथ ग्रहण कर लेंगे। दलों के समर्थन के हिसाब से एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू  देश की 15वीं राष्ट्रपति होंगी।

1• डाॅ॰ राजेंद्र प्रसाद:वर्ष 1952 – वर्ष 1957 – 1962
कार्यकाल अवधि : 12 साल 107 दिन
राज्य: बिहार
देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के नाम सबसे ज्यादा दिन तक पद पर बने रहने का रिकॉर्ड है। डॉ राजेंद्र प्रसाद लगातार दो बार देश के राष्ट्रपति चुने गए थे। उनका संबंध बिहार का सिवान जिला जिले से है।

2• डाॅ॰ एस॰ राधाकृष्णन: 13 मई1962-13 मई 1967
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : तमिलनाडु
सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के दूसरे राष्ट्रपति रहे है। राधाकृष्णन पेशे से शिक्षक थे। उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। राधाकृष्णन के नाम देश के पहले उपराष्ट्रपति होने का रिकॉर्ड दर्ज है। साथ ही  वे लगातार दो कार्यकाल के लिए उपराष्ट्रपति चुने गए थे।

3• डाॅ॰ जाकिर हुसैन: 13 मई 1967-3 मई 1969
कार्य विधि : 1 वर्ष 355 दिन
राज्य : उत्तर प्रदेश (जन्म : हैदराबाद)
देश के तीसरे राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के जाकिर हुसैन देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिनकी मृत्यु पद पर रहते ही हो गई थी।

4• वराहगिरी वेंकट गिरी (वी वी गिरी):  3 मई 1969-20 जुलाई 1969 और 24 अगस्त 1969-24 अगस्त 1974
कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल : 78 दिन
चुनाव जीतने के बाद कार्यकाल : 5 वर्ष
राज्य : आंध्र प्रदेश
मई 1969 को जाकिर हुसैन के निधन के बाद तत्कालीन उपराष्ट्रपति  वीवी गिरी ने देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला। गिरी पहले ऐसे उपराष्ट्रपति भी रहे, जो अपना उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। गिरी दो बार देश के राष्ट्रपति बने।

जब गिरी राष्ट्रपति चुनाव में भाग लिया तो उन्होंने कार्यवाहक राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया। उस वक्त कोई उपराष्ट्रपति भी नहीं था। ऐसे में देश चीफ जस्टिस मोहम्मद हिदायतुल्लाह कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाए गए। वह इस पद पर महज 35 दिन रहे। 

किस न्यायाधीश ने मुख्य न्यायाधीश के साथ-साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाली?

मोहम्मद हिदायतुल्लाह हिदायतुल्लाह के नाम तीन और रिकॉर्ड दर्ज हैं। ये भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश थे। इसके अलावा हिदायतुल्लाह इकलौते शख्स हैं, जिन्होंने मुख्य न्यायाधीश के साथ-साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी भी संभाली है। 

5• फ़ख़रुद्दीन अली अहमद: 24 अगस्त 1974-11 फरवरी 1977
कार्यकाल अवधि : 2 वर्ष 171 दिन
राज्य : दिल्ली
फकरुद्दीन अली अहमद ने ही अपने कार्यकाल में 25 जून 1975 को आधी रात  में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कहने पर देश में आपालकाल लागू कर दिया था। इनकी भी मृत्यु राष्ट्रपति रहते हुए ही हो गई थी। तब तत्कालीन उपराष्ट्रपति बीडी जत्ती ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभाली। 

6• श्री निलम संजीव रेड्डी : 25 जुलाई 1977-25 जुलाई 1982
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : आंध्र प्रदेश
फकरुद्दीन अली अहमद के निधन के बाद बीडी जत्ती 164 दिन तक कार्यवाहक राष्ट्रपति रहे। इसके बाद 25 जुलाई 1977 को नीलम संजीव रेड्डी राष्ट्रपति चुने गए।

7• ज्ञानी जैल सिंह: 25 जुलाई 1982-25 जुलाई 1987
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : पंजाब
ज्ञानी जैल सिंह राष्ट्रपति बनने वाले पहले सिख थे। राष्ट्रपति बनने से पहले यह केंद्र सरकार में कई मंत्रालय में भी रहे थे इन्होंने जेबी वीटो शक्ति का प्रयोग किया था।

8• श्री आर वेंकटरमन:  25 जुलाई 1987-25 जलाई 1992
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : तमिलनाडु
देश के रक्षा ,उद्योग समेत कई महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले रामास्वामी वेंकटरमन के कार्यकाल के दौरान देश को चार प्रधानमंत्री जिनके नाम इस प्रकार हैं राजीव गांधी, वीपी सिंह, चंद्रशेखर और पीवी नरसिम्हा राव।

9• डॉ शंकर दयाल शर्मा: 25 जुलाई 1992-25 जुलाई 1997
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : मध्य प्रदेश
बाबरी मस्जिद विध्वंस कांड किस देश के राष्ट्रपति के शासनकाल में हुआ है इस राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान भी देश को विवि नरसिंह राव, अटल बिहारी वाजपेई ,एच डी देवगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल प्रधानमंत्री के तौर पर मिले।

10• श्री के आर नारायनन : 25 जुलाई 1997-25 जुलाई 2002
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : केरल
वर्ष 1997 में देश को पहला दलित राष्ट्रपति मिला राष्ट्रपति बनने से पहले यह भारतीय वन सेवा में थे इंदिरा  गांधी के समय में राजनीति में आए।

11• डॉ एपीजे अब्दुल कलाम: 25 जुलाई 2002-25 जुलाई 2007
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : तमिलनाडु
देश के पहले वैज्ञानिक राष्ट्रपति जिन्होंने पोखरण परमाणु की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है।

12• श्रीमती प्रतिभादेवी सिंह पाटिल:25 जुलाई 2007-25 जुलाई 2012
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : मुंबई
देश की पहली महिला राष्ट्रपति होने का गौरव प्राप्त है।

13• श्री प्रणब मुखर्जी: 25 जुलाई 2012-25 जुलाई 2017
कार्यकाल अवधि : 5 वर्ष
राज्य : पश्चिम बंगाल
श्री प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति चुने जाने से पूर्व का प्रसंग की सरकार में वित्त मंत्री एवं अन्य प्रमुख मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके थे।
14• श्री रामनाथ कोविंद: 25 जुलाई 2017-वर्तमान
कार्य अवधि : 5 वर्ष
राज्य : उत्तर प्रदेश

15• द्रौपदी मुर्मू : इंडिया व्यक्ति के तौर द्रौपदी मुर्मू स्वतंत्र भारत की 15वीं राष्ट्र प्रमुख
प्रथम आदिवासी महिला जो देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होगी इनका संबंध उड़ीसा राज्य से है।

उपरोक्त राष्ट्रपतियों के कार्यकाल को देखा जाए तो इससे स्पष्ट होता है कि देश को सर्वाधिक राष्ट्रपति दक्षिण भारत के राज्यों से मिले हैं जिनमें आंध्र प्रदेश से 2 तमिलनाडु से 3  केरल से 1 राष्ट्रपति हुए हैं । जबकि सर्वाधिक लंबा कार्यकाल डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का रहा है तो सबसे कम अवधि के लिए राष्ट्रपति पद पर डॉ जाकिर हुसैन सुशोभित हुए है। वही पद पर रहते हुए 2 राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन एवं फखरुद्दीन अली अहमद की मृत्यु हुई थी। वीवी गिरी कार्यवाहक राष्ट्रपति के साथ साथ पूर्ण कालीन राष्ट्रपति की जिम्मेदारी निभाई है साथ ही उन्होंने उपराष्ट्रपति पद की भी जिम्मेदारी निभाई है। डॉ फखरुद्दीन अली अहमद के के राष्ट्रपति रहते हुए देश को आपातकाल का मुंह देखना पड़ा वहीं डॉ शंकर दयाल शर्मा के राष्ट्रपति काल में बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ।

अब तक देश में कितने उपराष्ट्रपति का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है?
अब तक देश के चार उपराष्ट्रपति का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है जो निम्नलिखित है डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन दो बार मोहम्मद हिदायतुल्ला एवं शंकर दयाल शर्मा । 

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2 thoughts on “The President of India Note – Most Useful Note

  • July 5, 2022 at 6:30 pm
    Permalink

    राष्ट्रपति के बारे में सम्पूर्ण जानकारी अदभुत एवं यूनिक एवं सरल शब्दों में एक ही जगह

    Reply
  • August 2, 2022 at 9:56 pm
    Permalink

    Unique knowledge for our president

    Reply

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