Honour Killing Notes |Honour Killing In Hindi | खाप पंचायत In Hindi Full Detail

Honour Killing Notes |Honour Killing In Hindi | खाप पंचायत In Hindi Full Detail

Honour Killing – माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Writ Petition (Civil) No. 231 of 2010, जो Honour Killing एवं खाप पंचायतों की अवैध गतिविधियों से संबंधित है, में अंतिम आदेश पारित किया गया है।


आदेश में इस समस्या के समाधान हेतु माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 1. निरोधात्मक, II. सुधारात्मक एवं III. दंडात्मक कार्रवाई करने का निदेश दिया गया है।

न्यायालय के आदेश के आलोक में निम्न कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है :- (Honour Killing)

(I) निरोधात्मक कदम (Preventive Steps) :- ( Honour Killing )


(क) अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा राज्य के वैसे जिलों, अनुमण्डलों, पुलिस थानों एवं गाँवों को चिन्हित किया जाए, जहाँ विगत पाँच वर्षों में Honour Killing अथवा खाप पंचायतों के आहूत किए जाने की घटना प्रतिवेदित हुई है। इस सूची को राज्य सरकार द्वारा विधिवत संसूचित किया जाएगा।


(ख) सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक ऊपर कंडिका में चिन्हित पुलिस थानों में से अपने जिले में अवस्थित थानों के थानाध्यक्षों को अंतरजातीय एवं अंतर-धर्म विवाहों के संबंध में अधिक सतर्क रहने का आदेश देंगे। ( Honour Killing)


(ग) यदि खाप पंचायत ( Honour Killing ) के आहूत किए जाने की सूचना किसी पुलिस पदाधिकारी अथवा जिला प्रशासन के किसी पदाधिकारी के संज्ञान में आती है तो वे अविलम्ब इसकी सूचना अपने वरीय पदाधिकारियों को देंगे। साथ ही उस क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक को भी अविलम्ब सूचित करेंगे।


(घ) ऐसी सूचना प्राप्त होने पर पुलिस उपाधीक्षक अविलम्ब खाप पंचायतों के सदस्यों से सम्पर्क करेंगे एवं उन्हें सूचित करेंगे कि ऐसी बैठक कानूनसम्मत नहीं है। तथा वे ऐसी किसी बैठक का आयोजन न करें। साथ ही उस इलाके के थानाध्यक्ष को सतर्क रहने एवं आवश्यकतानुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने का निदेश देंगे जिससे उपरोक्त बैठक के आयोजन को रोका जा सके।


(च) यदि इसके बावजूद खाप पंचायत ( Honour Killing ) आहूत की जाती है तो पुलिस उपाधीक्षक स्वयं उस स्थल पर मौजूद रहेंगे। वे इस बैठक में भाग ले रहे सभी लोगों को निदेशित करेंगे कि वे कोई भी ऐसा निर्णय न लें, जिससे अंतरजातीय/ अंतर-धर्म संबंध वाले युगल जोड़े अथवा उनके परिवार के सदस्यों को किसी प्रकार का नुकसान हो।

ऐसा करने में विफल होने पर उपरोक्त बैठक में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों एवं आयोजकों को कानूनन अभियोजित किया जाएगा। पुलिस उपाधीक्षक इस बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करायेंगे, जिसके आधार पर सभी भाग लेने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यकता होने पर समुचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


(छ) यदि पुलिस उपाधीक्षक को खाप पंचायत (Honour Killing) के सदस्यों से सम्पर्क करने पर ऐसा महसूस होता है कि अंतरजातीय/अंतर-धर्म युगल जोड़े अथवा उसके परिवार को नुकसान पहुँचाए जाने की आशंका है तो वह जिला पदाधिकारी/अनुमंडल पदाधिकारी को दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत निषेधाज्ञा (धारा 144 द0प्र0सं0) निर्गत करने का प्रस्ताव समर्पित करेंगे एवं पंचायत में भाग लेने वालों की गिरफ्तारी (धारा 151 दं0प्र0सं0) करेंगे।


(ज) अपराध अनुसंधान विभाग सभी कानून प्रवर्तन एजेंसी (Law Enforcement Agencies) एवं इस प्रक्रिया के सभी भागीदारों को ऐसी हिंसा रोकने तथा संविधान में निहित सामाजिक न्याय एवं कानून के राज के लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रशिक्षित एवं जागरूक बनाने को प्रयास करेगा।


राज्य में निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम, 2005 तथा बिहार निजी सुरक्षा (विनियमन) नियमावली, 2011 के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी एवं नियंत्रण तथा बिना अनुज्ञप्ति प्राप्त किये निजी सुरक्षा एजेंसी का कारोबार करने वाले व्यक्तियों/एजेंसियों के विरूद्ध नियम सम्मत कार्रवाई हेतु सभी पुलिस अधीक्षकों, सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक एवं सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षकों, सभी विभागाध्यक्षों तथा राज्य में केन्द्र सरकार के अधीन कार्यरत सभी प्रमुख प्रतिष्ठानों को अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु दिशा-निर्देश दिये गये हैं।

इसके अतिरिक्त, आम जनता, निजी प्रतिष्ठानों एवं अन्य में अधिनियम के प्रावधानों एवं बिना अनुज्ञप्ति प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसी को तत्संबंधी व्यवसाय में संलग्न न किए जाने संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर समाचार पत्रों में प्रेस विज्ञप्ति का भी प्रकाशन किया गया है।


(II) सुधारात्मक कदम (Remedial Measures) :- ( Honour Killing )


(क) यदि सभी निरोधात्मक उपायों के बावजूद स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों के संज्ञान में यह आता है कि खाप पंचायत आहूत की गई एवं उसके द्वारा कोई आदेश पारित किया गया है, जो अंतरजातीय/अंतर-धर्म युगल जोड़े अथवा उसके परिवार के विरुद्ध हैं, तो उस क्षेत्र के पुलिस पदाधिकारी अविलम्ब उचित धाराओं (भा0द0वि0 141, 143, 503 सहपठित 506 सहित) में प्राथमिकी दर्ज कराएँगे।


ख) प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना अविलम्ब पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपाधीक्षक को दी जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि कांड का प्रभावी अनुसंधान किया जाए एवं इसे तत्परतापूर्वक तार्किक परिणति तक ले जाया जाए।


(ग) साथ ही संबंधित युगल जोड़े एवं उनके परिवार की सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकता होने पर उन्हें जिले के अंदर अथवा बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। राज्य सरकार समुचित संख्या में ऐसे सुरक्षित भवन (Safe House) स्थापित करने का प्रयास करेगी जो 1. अविवाहित युगल जोड़े एवं 2 नव विवाहित युगल जोड़े जो खाप पंचायत के लक्ष्य पर हैं, को आवासित कर सके। ऐसे सुरक्षित भवन (Safe House ) को जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में रखा जाएगा।


(घ) जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक प्रभावित युगल जोड़े/परिवार की सुरक्षा के विषय पर अत्यन्त संवेदनशीलता से निर्णय करेंगे। यह सुनिश्चित करने के बाद कि दोनों कानूनन वयस्क हैं, दोनों के विवाह हेतु आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मामूली भुगतान के आधार पर दोनों को राज्य सरकार के सुरक्षित भवन में अधिकतम एक वर्ष के लिए आवासित किया जा सकता है।


(च) किसी भी युगल जोड़े अथवा स्वतंत्र माध्यम से यदि यह सूचना प्राप्त होती है कि उनके परिवार/स्थानीय समुदाय/खाप के लोग उनके संबंध/विवाह के विरुद्ध हैं, तो इस मामले में जाँच अपर पुलिस अधीक्षक कोटि के पदाधिकारी को दी जाएगी। वह प्रारंभिक जाँच कर सुरक्षा-खतरे (Security Threat) का आकलन करेंगे एवं एक सप्ताह के अंदर अपना प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक को समर्पित करेंगे।


(छ) उपरोक्त प्रतिवेदन के प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित पुलिस उपाधीक्षक को प्राथमिकी दर्ज करने का निदेश दिया जाएगा। पुलिस उपाधीक्षक स्वयं इस कांड के अनुसंधान का पर्यवेक्षण करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि इसे तत्परतापूर्वक एवं पूर्णता से निष्पादित किया जाए। अनुसंधान के दौरान सभी संबद्ध व्यक्तियों, बिना किसी अपवाद, के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। यदि खाप पंचायतों के सदस्यों की भूमिका साजिश अथवा उत्प्रेरण में प्रकट होती है तो उन्हें इसके लिए भी आरोपित किया जाएगा।


(III) दंडात्मक कदम (Punitive Measures) :- (Honour Killing)


(क) यदि किसी भी पुलिस पदाधिकारी अथवा जिला प्रशासन के पदाधिकारी द्वारा ऊपर अंकित निदेशों का अनुपालन नहीं किया जाता है तो माना जाएगा कि यह जान बुझकर बरती गई कोताही है, जिसके लिए सेवा नियमों के अधीन विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 6 माह के अंदर इस विभागीय कार्रवाई को तार्किक परिणती तक ले जाया जाएगा।


(ख) पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई उन परिस्थितियों में भी की जाएगी जब :-
(i) कोई पदाधिकारी सूचना रहने के बावजूद किसी घटना को रोकने में विफल रहे।
(ii) घटना होने के उपरान्त दोषी व्यक्तियों को गिरफ्तार करने एवं उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने में कोताही बरती गई ।


(ग) प्रत्येक जिले में एक विशेष कोषांग होगा, जिसमें
(i) पुलिस अधीक्षक,
(ii) जिला कल्याण पदाधिकारी एवं
(iii) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से आनेवाले राजपत्रित पदाधिकारी रहेंगे, जो अंतरजातीय विवाह/संबंधों के पीड़ित व्यक्तियों से आवेदन प्राप्त कर इसपर कार्रवाई करेगी।


(घ) इन विशेष ईकाइयों के लिए 24 घंटे कार्य करने वाला एक Helpline कार्य करेगा, जो प्रभावित व्यक्तियों को आवश्यक सहयोग एवं सुरक्षा प्रदान करेगा।


(च) Honour Killing एवं युगल जोड़ों के विरुद्ध हिंसा के मामलों का विचारण Designated Court/Fast Track Court द्वारा किया जाएगा। विचारण दिन-प्रतिदिन चलेगा एवं यथा संभव 6 माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। यह निदेश पूर्व के लंबित कांडों के संबंध में भी लागू होगा।

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One thought on “Honour Killing Notes |Honour Killing In Hindi | खाप पंचायत In Hindi Full Detail

  • August 6, 2022 at 7:44 pm
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    Simple नोट्स on honour killing

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