श्रावणी मेला 2022 सुल्तानगंज|अजगैबीनाथ टू बाबा बासुकीनाथ

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सावन माह में कांवर यात्रा 14 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी जिसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही है 1 महीने तक चलने वाले इस कांवर यात्रा में बिहार के 3 जिले भागलपुर, मुंगेर तथा बांका से होते हुए झारखंड के देवघर जिले में लाखों भक्त गण श्रद्धा भाव से यात्रा करते हैं श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए शासन प्रशासन एवं आम नागरिकों के द्वारा उचित प्रबंध किए गए है।

सुल्तानगंज में रेलवे के द्वारा किया गया व्यवस्था :श्रावणी मेला 2022

सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर उन ट्रेनों का भी ठहराव कर दिया गया है जो सामान्य दिनों में नहीं रुकती है। 14 जुलाई गुरुवार से निम्न ट्रेनों का ठहराव दिया गया है जिसका नंबर व समय सारणी निम्न है इसके अतिरिक्त गोरखपुर और रक्सौल से मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन किया गया है इसके अतिरिक्त जो इंटरसिटी ट्रेन संडे को नहीं चलती है उन्हें स्पेशल बनाकर रविवार को भी चलाया जा रहा है। – श्रावणी मेला 2022

  1. 12253/12254 यशवंतपुर-भागलपुर अंग एक्सप्रेस,
  2. 13423/13224 भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस,
  3. 13429/13430 मालदा-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस,
  4. 15619/15620 गया-कामाख्या एक्सप्रेस
    मेला स्पेशल ट्रेन – श्रावणी मेला 2022
    05551 : रक्सौल to भागलपुर 135/- सप्ताह में 5 दिन रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शनिवार
    05552 : भागलपुर टू रक्सौल 135/- सप्ताह में 5 दिन रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शनिवार
    05028 : गोरखपुर टू भागलपुर 150/- दैनिक यह ट्रेन हाजीपुर शाहपुर पटोरी बेगूसराय मुंगेर के रास्ते भागलपुर पहुंचेगी।
    05027 : भागलपुर टू गोरखपुर 150/- दैनिक मुंगेर बेगूसराय बरौनी शाहपुर पटोरी हाजीपुर के रास्ते गोरखपुर पहुंचेगी।

श्रावणी मेला में साइबर फ्रॉड हुए एक्टिवः बाबा गरीबनाथ मंदिर के नाम पर दान के बहाने ऑनलाइन ठगी
अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन के अलावा रेलवे के द्वारा स्टेशनों पर साफ सफाई, स्वच्छता, सुरक्षा, शौचालय, अस्थाई विश्राम गृह का भी निर्माण करवाया गया है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अपराध नियंत्रण कक्ष, पुलिस सहायता कक्ष, का भी निर्माण किया गया है। शिव भक्तों के लिए मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाया गया है।

इसके अतिरिक्त कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर इससे बचाव से संबंधित उपाय की उद्घोषणा की जा रही है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के पूरा तथा पश्चिमी भाग में शिव भक्तों के लिए शौचालय का निर्माण करवाया गया है। पीने के पानी की समुचित व्यवस्था प्लेटफार्म पर की गई है।

दरअसल, साइबर फ्रॉड गिरोह दान के बहाने ठगी कर रहा है। इसके लिए एक एप बनाकर इसे श्री गरीबनाथ मंदिर न्याय समिति के नाम से फेसबुक पर पोस्ट किया गया है। इसमें भंडारा के नाम पर लोगों से क्यूआर कोड स्कैन कर बैंक खाते में राशि मांगी जा रही है।

इस पोस्ट में लिखा है, ‘जय बाबा गरीबनाथ … श्रावण मास में बाबा गरीबनाथ की सेवा के सहभागी बनें। हर रविवार शिवभक्तों के लिए भंडारा में आप भी सहयोग करें।’ हालांकि, इस संबंध में मंदिर प्रबंधन की ओर से पुलिस के पास शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है।

शिव भक्तों के लिए आवश्यक चेतावनी श्रावणी मेला 2022

शिवभक्त विश्व के कई देशों से आकर बाबा धाम जाकर जल चढ़ाते हैं। शिव भक्तों को सावन माह में यात्रा करते समय या उसके बाद या अन्य माध्यमों के तहत सावधान रहना चाहिए उदाहरण के लिए सावन मास में मंदिरों में भक्त गन दान करते हैं परंतु दान करते समय शिव भक्त ऑनलाइन ठगी का शिकार ना हो जाए। – श्रावणी मेला 2022

अर्थात शिव भक्त साइबर ठगी के शिकार हो सकते हैं । शरारती तत्व देश या विदेश में बैठे मंदिर के नाम से न्यास समिति बनाकर चंदा इकट्ठा कर सकते हैं इस वेबसाइट से शिव भक्तों को सावधान और किसी भी कीमत पर ऐसे ऐप को अपने मोबाइल में जगह नहीं देनी चाहिए। चंदा देने से पहले अच्छी तरह से वेबसाइट एप्लीकेशन को संबंधित मंदिर से सत्यापित कर लिया जाए एवं महत्वपूर्ण सूचना जमा कर ही ऑनलाइन चंदा देना चाहिए।


उदाहरण के लिए मुजफ्फरपुर के श्री गरीबनाथ मंदिर न्यास समिति के सचिव एनके सिन्हा ने बताया कि दान के नाम पर हो रही ठगी का पता चला है। समिति ने न तो एप बनवाया है और न ही दान या चंदा मांगा है।

शिव भक्तों की कावड़ यात्रा कहां जाकर पूरी होती है? श्रावणी मेला 2022

सुल्तानगंज अजगैविनाथ धाम से देवघर बाबा वैद्यनाथ धाम देवघर से दुमका बाबा बासुकीनाथ धाम – श्रावणी मेला 2022

सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ घाट से जल भर कर लिया वेदर 105 किलोमीटर की यात्रा चाय करके बिहार के 3 जिलों से गुजरते हुए झारखंड के दुम्मा में प्रवेश करते हुए गोरियारी से कलकतिया और दर्शनिया होते हुए भगवान के दरबार आते हैं बाबा धाम पहुंचने के बाद के बाद शिव भक्त शिव गंगा में डुबकी लगाकर ही वैद्यनाथ धाम के दर्शन हो जाते हैं एवं जल अर्पित करते हैं परंतु भक्तजनों की यह यात्रा वैद्यनाथ धाम में पूरी नहीं होती है।

इसके बाद शिव भक्त को देवघर से लगभग 45 किलोमीटर दूर दुमका में बाबा बासुकीनाथ धाम की यात्रा करनी पड़ती है और वहां जल अर्पित करने के बाद ही भक्तजनों की कांवर यात्रा पूर्ण होती है और मनवांछित फल प्राप्त करते है। सुल्तानगंज घाट से भक्तजन दो दो पात्र में जल उठाते हैं एक पात्र का जल बाबा वैद्यनाथ धाम में अर्पित करते हैं और दूसरे पात्र का जल बाबा बासुकीनाथ धाम में अर्पित करते हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि बाबा के दो दरबार लगते है। जहां बैद्यनाथ धाम मैं दीवानी दरबार लगता है तो बाबा बासुकीनाथ धाम में फौजदारी दरबार लगता है इसलिए दोनों जगह जल अर्पित करने के बाद ही कांवर यात्रा संपन्न होती है। – श्रावणी मेला 2022

शिव भक्तों के लिए चिकित्सा सेवा का प्रबंध: श्रावणी मेला 2022

मेले में कांवरिया एवं शिव भक्तों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है इसके लिए भागलपुर बाजार मुंगेर में आई स्थाई स्वास्थ्य शिविर बनाए गए हैं चिकित्सा सुविधाओं की देखने के लिए पटना स्थित राज्य स्वास्थ्य समिति में राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है C – 19 को ध्यान में रखते हुए उसके संक्रमण से बचा जांच एवं टीकाकरण के प्रति कावड़ियों के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कांवरिया पथ पर पोस्टर बैनर लगाए गए है। मेला क्षेत्र में चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी एवं पैरामेडिकल स्टाफ की प्रतिनियुक्ति की गई है।
श्रावण मास स्वस्थ समाज का महीना – श्रावणी मेला 2022

जी हां सावन मास स्वस्थ समाज का महीना है कहां जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं है दूसरे शब्दों में कहा जाए तो श्रावण मास शारीरिक मानसिक आध्यात्मिक शांति का फुल डोज है। इस माह में भक्तजन उपवास रखकर एवं फलाहार कर के अजगैबनाथ धाम से बाबा वैद्यनाथ धाम की यात्रा करते हैं और यह यात्रा नंगे पांव एवं पैदल होती है। पैदल यात्रा स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। अधिकतर भक्तजन भोजन के रूप में फलों का आहार करते हैं या उन से बने हुए जूस का सेवन करते हैं जिनसे उनके शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावी होता है जिससे हार्मोन गुर्दे लीवर आरबीसी इत्यादि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है भक्तजन अपनी यात्रा में लिक्विड भोजन से लेकर ड्राई फ्रूट तक का सेवन करते हैं जिससे उनकी त्वचा पर भी फर्क होने लगता है एवं सुंदरता बढ़ने लगती है क्योंकि शिव तत्व में सुंदरता का भी गुण है।

आध्यात्मिक मोबाइल एप क्या है? श्रावणी मेला 2022

सुल्तानगंज में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में के लिए की सुविधा के लिए आध्यात्मिक मोबाइल एप लांच किया गया है इस ऐप के माध्यम से कांवरियों को पेयजल, स्नानघर, शौचालय, स्वास्थ्य शिविर आदि की जानकारी मिलेगी।

बिहार के पर्यटन विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत श्रावणी मेला में साफ सफाई, पानी ,बिजली, पंखा, दरी, शौचालय, सिक्योरिटी गार्ड मुहैया कराया गया है। श्रावणी मेला 2022

श्रावणी मेला एवं रोजगार श्रावणी मेला 2022

श्रावणी मेला 2022 – सुल्तानगंज में सावन माह में लगने वाला एक माह का मेला स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण साधन है इस माह में देश के किसी भी भाग में में रहने वाले स्थानीय नागरिक नागरिकों को रोजगार मुहैया कराता है इस मेले के दौरान एक माह में दुकानदारों को करोड़ों की आमदनी होती है बहुत से परिवार इस महीने पर ही निर्भर रहते है 2 वर्ष तक मेला नहीं लगा है इस वजह से वर्ष 2022 में लगने वाले मेले में रोजगार में उछाल देखने को मिलेगा स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है जो 105 किलोमीटर में लगने वाले मेले में स्थानीय लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं और कांवर दुकान से लेकर खाने पीने का दुकान तक लगाए जाते है।शिव भक्तों के लिए 24 घंटे तत्पर रहते हैं। श्रावणी मेला केवल सुल्तानगंज के निवासियों को ही रोजगार नहीं देता बल्कि दूसरे प्रदेश के लोगों को भी रोजगार देता है क्योंकि मेले में बिकने वाला ज्यादातर सामानों की आपूर्ति दूसरे राज्यों से ही की जाती है जिसकी वजह से बिहार के आसपास के राज्यों में भी खुशी की लहर है एवं कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। – श्रावणी मेला 2022

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श्रावणी मेला 2022

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